बिग न्यूज़ ब्रेकिंग: उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय : 😲 कुलपति की एक साल से पुलिस से ‘गुहार’ ! 😉…. नहीं कर रही रिपोर्ट दर्ज@..चौंकिए मत! यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव डॉक्टर मृत्युंजय कुमार विगत 1 वर्ष से अधिक सरकारी गाड़ी का कर रहे दुरुपयोग #✔️ युवा मुख्यमंत्री की छवि पर लगा रहा है ‘बट्टा@’ 👁️अशोक गुलाटी एडिटर-इन-चीफ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट भ्रष्टाचार एवं तानाशाह की दास्तान :- पार्ट वन

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देहरादून (अशोक गुलाटी editor-in-chief Exclusive report) विख्यात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय उत्तराखंड

की छवि कुछ तथाकथित भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी ने छवि धूमिल कर दी है । या यूं कहें कि इसकी हर दीवार पर भ्रष्टाचार तानाशाह कालिख पोत दी है आज पूरे राज्य में इसमें हो रहे भ्रष्टाचार की खबरें रोज प्रकाशित हो रही है युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शानदार साफ-सुथरी छवि को यह यह तथा कथित अधिकारी कर्मचारी छवि धूमिल करने में रात दिन लगे हुए हैं आपको हम ऐसी दास्तान बताने जा रहे हैं जहां युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रात दिन भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्प ले रहे हैं वही कुछ भ्रष्ट अधिकारी उनकी छवि खराब करने में कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं । ऐसा ही सनसनीखेज
हैरतअंगेज प्रकरण सामने आया है यूनिवर्सिटी पूर्व  कुलसचिव की पूरी भ्रष्टाचार की पोल खोलें विगत 1 वर्ष से भी अधिक सरकारी वाहन का खुलेआम दुरुपयोग कर रहा है। और ताल ठोक रहे हैं हिम्मत है तो सरकारी वाहन मुझसे वापस लेकर दिखाओ? वही यूनिवर्सिटी के ईमानदार सरल स्वभाव के कुलपति पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस टस से मस नहीं हुई है कुलपति ने कई पत्र सचिव सहित आला अफसरों को भी प्रेषित कर दिए हैं उसके बाद भी एक्शन नहीं हो रहा है कुलपति ने सबसे पहली शिकायत पत्र संख्या 1632 20 दिसंबर 22 तत्पश्चात 24 रेंज में 30 नवंबर 22 पत्र संख्या 703 2 जून 2023 को अपने पत्र में कि वाहन संख्या यूके जी 1062 बोलेरो जो विगत 1 वर्ष से भी अधिक समय से विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर  हररावाला  देहरादून से गायब है और कई महीना से इसकी शिकायत बार-बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून कोतवाली डोईवाला पुलिस चौकी दर्ज नहीं की है ।कुलपति ने अपने शिकायती पत्र में पूर्व प्रभारी सचिव डॉ राजेश कुमार द्वारा भी उपरोक्त प्रकरण को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की थी परंतु रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है उन्होंने शिकायती पत्र में कहा है कि पूर्व कुल सचिव डॉ मृत्युंजय कुमार मिश्र सरकारी वाहन का खुलेआम दुरुपयोग कर रहा है और जबरन वाहन अपने कब्जे में रखे हुए हैं जबकि शासकीय वाहन विश्वविद्यालय की संपत्ति है जिसे अधिकृत रखना गैरकानूनी जिसका चोरी किए जाना या किसी प्रकार को गलत उपयोग किया जाना भी गैरकानूनी है इसी विश्वविद्यालय की लगातार वित्तीय क्षति भी हो रही है सहित कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं परंतु पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। जबकि यह पूर्व  कुलसचिव भ्रष्टाचार आय से अधिक संपत्ति तथा बिजनेस की जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई थी और वह ढाई साल जेल में बंद रहा है सुप्रीम कोर्ट से जमानत के पश्चात आया है। वर्तमान में आयुष विभाग सचिवालय अटैच है बिजनेस की जांच अभी भी चल रही है।
इस बाहुबली अधिकारी ने विश्वविद्यालय की सरकारी वाहन को कैसे गैर कानूनी ढंग से विगत 1 वर्ष से अधिक अपने पास रखे हुए हैं। इसने आला अफसरों से सांठगांठ की है उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार आपको दास्तान आगे बताएंगे  आपके पैर तले जमीन खिसक जाएगी। अगले अंक में आपको धमाकेदार दास्तान बताएंगे (पार्ट 2 )अगले अंक ! जारी….
 
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