बिग ब्रेकिंग लाल कुआं: गौला खनन संघर्ष समिति 91 दिन चला आ रहा आंदोलन समाप्त हुआ!👉 वाहन स्वामी एवं स्टोन क्रेशर एसोसिएशन में हुआ समझौता@😯33 रूपया 50 पैसे का भाड़ा तय#

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लालकुआं। विशेष संवाददाता गौला खनन संघर्ष समिति के बैनर तले चल आ रहा आंदोलन आखिरकार 91वें दिन के धरने समाप्त हो गया, इससे पूर्व वाहन स्वामियों और स्टोन क्रेशर संचालकों के बीच रेट को लेकर हुए समझौते के बाद लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध भी समाप्त हो गया। धरना पर बैठे वाहन स्वामी को जूस पिलाकर धरना समाप्त की की घोषणा कीl गौरतलब है कि
मोटाहल्दू में चल रहे धरने में पहुंचे लालकुआं के तहसीलदार सचिन कुमार ने खनन व्यवसायियों से विस्तृत बातचीत की, तथा निर्णय निकल जाने के बाद जूस पिलाकर बैठे सभी वाहन स्वामियों को विधिवत उठाया। इस मौके पर धरना स्थल में सभी खनन गेटों के अध्यक्ष, प्रभारी, वाहन स्वामियों की सहमति के बाद ही धरना समाप्त हुआ, इस मौके पर ग्राम प्रधान संगठन की अध्यक्ष रुकमणी नेगी, जिला पंचायत सदस्य कमलेश चंदोला ने भी तहसीलदार सचिन कुमार के साथ मिलकर गौला खनन संघर्ष समिति का धरना समाप्त कराने में सहयोग दिया। आंदोलन के संयोजक रमेश चंद जोशी ने कहा यह खनन व्यवसायियों की ऐतिहासिक जीत है, उन्होंने कहा कि समिति के पदाधिकारी सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरने में बैठे थे और आज उनकी सभी मागें पूरी हो गई है। जिसके लिए उन्होंने क्षेत्रीय विधायक, उत्तराखंड शासन, उच्च न्यायालय एवं स्टोन क्रेशर एसोसिएशन का धन्यवाद किया। इससे पूर्व स्टोन क्रेशर एसोसिएशन और गौला खनन संघर्ष समिति के बीच रेट को लेकर समझौता हो गया, जिसमें खनन गेटों के नजदीक पर जो भी स्टोन क्रेशर एवं स्टाक है उनमें 33 रूपया 50 पैसे का भाड़ा तय हुआ। जिसको सभी वाहन स्वामियों ने सहर्ष स्वीकार किया। और आंदोलन खत्म किया। इस मौके पर धरना स्थल पर ग्राम प्रधान विपिन जोशी, हरेंद्र असगोला, भास्कर भट्ट, हरीश बिरखानी, अध्यक्ष भगवान धामी, कैलाश चंद्र भट्ट, जीवन बोरा, सुरेश चंद्र जोशी, रमेश चंद्र जोशी, इंदर सिंह नयाल, रमेश चंद्र कांडपाल, नरेश सूठा, गणेश बिरखानी, पूरन पाठक, शेखर कांडपाल, मदन उपाध्याय, नवीन पाठक, बंशीधर भट्ट, सुरेश भट्ट, मोहन भट्ट, गोकुल भट्ट, नवीन जोशी, पप्पू सुनाल, वीरेंद्र दानू, मनोज बिष्ट, नरेंद्र कार्की, कविराज धामी, हेम चंद्र दुर्गापाल, डॉ बालम सिंह बिष्ट, मदन पन्त, कैप्टन इंदर सिंह पनेरी, सहित कई वाहन स्वामी मौजूद थे। गौरतलब है कि इतना लंबा चला आंदोलन कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं था आखिरकार स्टोन क्रेशर के स्वामियों को झुकना पड़l जिसके कारण आज आंदोलन समाप्त हो गया दोनों पक्षों ने संतोष की सांस ली हैl आंदोलन से व्यवसाय पूरी तरह से ठप थाl

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