ब्रेकिंग हल्द्वानी: घोषणा में आशाओं का सम्मान, अस्पताल में अपमान नहीं चलेगा: डॉक्टर कैलाश पांडे

खबर शेयर करें -

आशाओं का सम्मान, अस्पताल में अपमान नहीं चलेगा : डॉ कैलाश पांडेय
आज की वार्ता के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन किया जायेगा: रिंकी जोशी

आशाओं का सम्मान, अस्पताल में अपमान नहीं चलेगा : डॉ कैलाश पांडेय
आज की वार्ता के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन किया जायेगा: रिंकी जोशी


हल्द्वानी 27 जून स्टाफ रिपोर्टर

• घोषणा में आशाओं का सम्मान, अस्पताल में अपमान नहीं चलेगा : डॉ कैलाश पांडेय
• अगर आज की वार्ता के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन किया जायेगा: रिंकी जोशी

महिला चिकित्सालय हल्द्वानी की समस्याओं के निराकरण और आशाओं पर अनर्गल आरोप लगाये जाने के विरुद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन द्वारा महिला अस्पताल परिसर हल्द्वानी में धरना प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के बाद महिला अस्पताल की सीएमएस महोदया से वार्ता की गयी जिसमें उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया तत्पश्चात चिकित्साधिकारी नैनीताल को ज्ञापन भेजा गया, जिसकी प्रतिलिपि महानिदेशक स्वास्थ्य उत्तराखंड देहरादून को भेजी गई. धरने के माध्यम से चेतावनी दी गयी कि आशाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया तो फिर से आंदोलन किया जायेगा.

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महामंत्री डॉ कैलाश पांडेय ने कहा कि, ‘आशाएं कोविड से लेकर स्वास्थ्य विभाग के तमाम सर्वे, अभियान, गणना जैसे दर्जनों कामों में अपनी सेवाएं दे रही हैं और उसके बावजूद भी आज तक आशायें न्यूनतम वेतन तक से वंचित हैं. इसके बाद भी आशाओं ने पूरे समर्पण से अपनी सेवाएं दी हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आशाओं के कार्य को विशिष्ट तौर उल्लेखनीय मानते हुए सम्मानित किया है. लेकिन महिला अस्पताल प्रशासन और जिले का स्वास्थ्य विभाग आशाओं के काम को काम नहीं समझता है और आशाओं पर बेवजह के आरोप लगाये जा रहे हैं. जबकि महिला अस्पताल हल्द्वानी में हालात यह है कि गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक अल्ट्रासाउंड टाइप टू और डाप्लर नहीं है. थोड़ा सा भी जटिल मामला सामने आने पर गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है और अस्पताल की अव्यवस्थाओं की जिम्मेदारी आशाओं पर डाली जा रही है. महिला अस्पताल हल्द्वानी में विभिन्न अव्यवस्थाओं के लिए आशाओं को दोषी ठहराया जा रहा जो बिल्कुल गलत है. मीडिया में लगाए गए आरोपों से आशाओं की छवि धूमिल हो रही है जिससे आशायें आहत हैं और उनका मनोबल गिरा है. जो कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उचित नहीं है. इसलिये अस्पताल प्रशासन को आशाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए.’
उन्होंने कहा कि, “घोषणा में आशाओं का सम्मान और अस्पताल में अपमान नहीं चलेगा.”

हल्द्वानी अध्यक्ष रिंकी जोशी ने कहा कि, “महिला अस्पताल प्रशासन द्वारा अक्सर ही आशाओं को किसी न किसी रूप में अपमानित किया जाता है. कभी अस्पताल के गेट से हो अंदर न आने देना, कभी मरीज़ के साथ अंदर न आने देना और ओपीडी में कुछ डॉक्टरों द्वारा अक्सर मरीजों के सामने ही आशाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाना आम बात हो गयी है. कुछ डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे इस अभद्र व्यवहार की शिकायत भी कई बार सीएमएस महोदया से की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई न तो उन डॉक्टरों के व्यवहार में कोई परिवर्तन आया न ही उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की गयी. इसलिये महिला अस्पताल प्रशासन को आशाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करने के लिए निर्देशित किया जाय.’
उन्होंने कहा कि, ‘आशाओं की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही नहीं हुई तो हमें मजबूरीवश आंदोलन पर बाध्य होना पड़ेगा।’

मांगें:
1- आशाओं के प्रति अपने रवैये में अस्पताल प्रशासन बदलाव करे और दिन रात स्वास्थ्य विभाग के अभियानों, सर्वे, कोविड, पल्स पोलियो जैसे कामों में जुटी आशाओं पर गलत आरोप लगाना बंद करे और आशाओं के साथ अस्पताल में सम्मानजनक व्यवहार करने का आदेश आपके द्वारा जारी किया जाय.
2- महिला अस्पताल हल्द्वानी में पूरे चौबीस घंटे गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच की सुविधा सुनिश्चित की जाए.
3- सेकंड लेवल अल्ट्रासाउंड, डाप्लर की सुविधा तत्काल शुरू की जाय.
4- गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की तारीखें तीन महीने बाद की नहीं बल्कि तत्काल उनका अल्ट्रासाउंड करने की सुविधा दी जाए.
5- विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे महिला अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की जाय.

धरना-प्रदर्शन में रिंकी जोशी, सरोज रावत, दीपा बिष्ट, गीता पांडेय, चम्पा मंडोला, प्रीति रावत, डॉ कैलाश पांडेय, हुमेरा अंजुम, अनुराधा, कमरूल निशा, हेमा शर्मा, गंगा तिवारी, फरहीन, रजनी, कविता भट्ट, बृजेश कटियार, विमला कपकोटी, सलमा, लता सती, हंसी उप्रेती, राबिया, मीनू चौहान, गीता देवी, राजकुमारी, मालती, सावित्री भंडारी, सरिता साहू, गंगा साहू, शहनाज, सुनीता सक्सेना, सुधा जायसवाल, सुनीता अरोड़ा, मंजू, माया तिवारी, छाया, माला वर्मा, भगवती बेलवाल, सीमा आर्य, लता कोहली, दीपा आर्य, देवकी गोस्वामी, इंदु बाला, दीपा कनवाल, सुनीता आर्य, रुखसाना, अनीता देवल, पुष्पा पवार, पुष्पा मेहता, गीता जोशी, मीना मटियानी, प्रेमा रौतेला, पुष्पलता, शकुन्तला, दिव्या, भावना, ललिता, रेणू, माया टंडन, चंपा, हंसी बेलवाल, कविता बिष्ट, चंपा परिहार, मीना, ममता पपने, मोहिनी ब्रजवासी, सुधा जायसवाल, जानकी जोशी, मुमताज, जायदा, शांति देवी, अंबिका जोशी, विनीता थापा, यशोदा बोरा, पूजा आर्य, रेखा, मीना सनोला, दीपा उपाध्याय, गीता पालीवाल आदि शामिल रहे.

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad