big breaking Delhi “अग्निपथ योजना” सेना का कड़ा संदेश: किसी भी कीमत पर ‘योजना’ नहीं होगी वापस, 👉तीनों सेनाओं ने की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस@👁️ अग्निवीर बनने के लिए आवेदन करने वाला प्रत्येक उम्मीदवार प्रमाण पत्र देगा कि वह विरोध, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का हिस्सा नहीं था@👉 पुलिस सत्यापन 100 प्रतिशत है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है@👉 यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल नहीं हो सकते!! 👉 देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा@भर्तियों की तारीख का भी ऐलान किया गया!!!

खबर शेयर करें -

नई दिल्ली अशोक गुलाटी एडिटर इन चीफ आज से ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट रूप से संदेश दे दिया गया है कि अग्नीपथ योजना किसी भी कीमत पर वापस नहीं की जाएगी गौरतलब है कि देशभर में केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई सेना भर्ती योजना अग्निपथ का विरोध तेजी से हो रहा था में केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई सेना भर्ती योजना अग्निपथ का विरोध तेजी से हो रहा है। इस बीच इस विरोध को देखते हुए सेना ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस की। अग्निपथ योजना पर सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा सेना में यह सुधार लंबे समय से लंबित था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह योजना किसी भी हालत में वापस नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली जरूरत अनुशासन की होती है इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना चाहिए। प्रदर्शन का आज पांचवां दिन है। बीते चार दिनों में प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में ट्रेन के डिब्बों को आग के हवाले कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तेलंगाना में एक व्यक्ति की मौत भी हुई। इस बीच तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है उन्होंने कहा कि….

वापस नहीं होगी ‘अग्निपथ योजना’: लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यह योजना किसी भी हालत में वापस नहीं होगी। सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली जरूरत अनुशासन की होती है, इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना चाहिए।
एक करोड़ रुपये का मिलेगा मुआवजाः सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।….

सुविधाएं नियमित सैनिकों जैसी मिलेंगीः ‘अग्निवीर’ को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती हैं। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
थलसेना में 1 जुलाई से भर्ती प्रक्रिया शुरूः विरोध प्रदर्शन के बीच सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में तीनों सेनाओं भर्ती प्रक्रिया के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। थलसेना ने कहा है कि उसकी भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएगी।

24 जून को वायुसेना में पहले बैच के लिए प्रक्रिया शुरूः एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है। उसी के तहत उसपर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। एक महीने बाद 24 जुलाई से फेज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

निकट भविष्य में 1.25 लाख हो जाएगी अग्निवीरों की संख्याः लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि निकट भविष्य में ‘अग्निवीर’ की संख्या 1.25 लाख हो जाएगी और 46,000 पर नहीं रहेगी जो कि वर्तमान आंकड़ा है।
एफआईआर हुई तो नहीं मिलेगा मौकाः लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अग्निवीर बनने के लिए आवेदन करने वाला प्रत्येक उम्मीदवार एक प्रमाण-पत्र देगा कि वह विरोध, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का हिस्सा नहीं था। पुलिस सत्यापन 100 प्रतिशत है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है। यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल नहीं हो सकते। उन्हें नामांकन फॉर्म के हिस्से के रूप में यह लिखने के लिए कहा जाएगा कि वे आगजनी का हिस्सा नहीं थे, उनका पुलिस सत्यापन किया जाएगा।

फिर देनी होगी मेडिकल परीक्षाः सेना ने साफ किया है कि दो साल पहले नियमित सेना में भर्ती के लिए मेडिकल परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।
‘अग्निवीरों” के लिए उम्र सीमा में तीन साल की छूटः गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अग्निवीरों को उम्र सीमा में तीन साल की छूट देने की घोषणा की। उम्र सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी। मंत्रालय ने ट्वीट में घोषणा की कि अग्निवीरों के पहले बैच के लिए उम्र सीमा में छूट पांच साल की होगी। इस तरह अब स्पष्ट हो गया है कि अग्नीपथ योजना किसी भी कीमत पर वापस नहीं होगी और जो आदोलन में दोषी पाए जाएंगे उन्हें सहना में किसी भी कीमत पर भर्ती नहीं किया जाएगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad