ब्रेकिंग हरिद्वार : “बंगाली दादा का “झालमुड़ी”डिश “‌‌! श्रद्धालु ‌‌‌‌ दर्शन के बाद, “झालमुड़ी” का स्वाद लेना नहीं भूलते हैं? देवभूमि माया न्यूज़ पोर्टल की ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट लाइव

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हरिद्वार।( अशोक गुलाटी एडिटर इन चीफ)l विश्व विख्यात धार्मिक नगरी हरिद्वार में पूरे भारतवर्ष से श्रद्धालु मां गंगा की आरती तथा मां गंगा में डुबकी लगाने आते हैं वही हर की पौड़ी के थोड़ी दूर पुल के निकट मोटरसाइकिल में बंगाल के रहने वाले दादा विगत दो दशक से झालमुड़ी जो बिहार व बंगाल का लोकप्रिय डिश है उनका स्वाद इस कदर है कि जो भी श्रद्धालु आता है इनकी झालमुड़ी

का जेके का आनंद लूट लेता है मजेदार बाकी है कि जितने भी दुकानदार हैं अधिकांश झालमुड़ी जरूर खाते हैं शाम 5:00 बजे बंगाली दादा लगाते हैं और आप 11:00 बजे तक लगाए रखते हैं उनका कहना था कि वह मसाले वगैरा अपने घर से कूट के लाते हैं उन्होंने बताया कि इस महंगाई के दौर में समान महंगा होने के कारण वह पहले जैसा जय का नहीं रहा फिर भी आज भी उसी तरह जायका बना रहे प्रयास करते हैं उन्होंने बताया कि 18 साल पूर्व बंगाल से आकर उन्होंने यहां पर छोटे से सर में टोकरी से में शुरू किया था अब अपनी मोटरसाइकिल से यहां पर झालमुड़ी लगाते हैं उन्होंने बताया शुरुआत उन्होंने ₹5 से की थी अब महंगाई के दौर में 20 और ₹40 में बनाते हैं इसमें कई तरह के एटम डाले जाते हैं कई प्रकार की चटनी मसाले भी प्रयोग किए जाते हैं और स्वाद के अनुसार grahak ko Bharosa jata hai उन्होंने रोचक बात बताई की उनके नाम से कोई नहीं जानता है झालमुड़ी दादा के नाम से हरिद्वार में प्रसिद्ध हैं । …..

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उन्होंने बताया कि उनके बच्चे पढ़े लिखे हैं वह इस कार्य को नहीं करना चाहते हैं परंतु मैं अंतिम सांस तक का लगाता रहूंगा। क्योंकि मुझे सब कुछ मां गंगा ने मुझे घर बच्चे सब यही दिए हैं और आज मैं खुशहाली की जिंदगी जी रहा हूं और ठीक-ठाक कमा लेता हूं और घर का खर्चा भी बढ़िया चल रहा है।

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