बिग ब्रेकिंग : “चेले के बम” से ‘गुरु आहत’! … मुझे पार्टी से निष्कासित करें? *कहीं यह युद्ध पार्टी का बंटाधार ना कर दे@विशेष रिपोर्ट:_

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(अशोक गुलाटी एडिटर इन चीफ)l किसी जमाने में चेला गुरु शिष्य था रावत सरकार में चेला रंजीत के बिना पत्ता भी नहीं मिलता था परंतु आज इसके विपरीत चेला गुरु के पीछे हाथ धोकर पड़ा है आज उसने गुरु पर जो आरोपों का बम फेंका है गुरुजी आहत हो गए हैं उन्होंने पार्टी से ही अपने को निष्कासित करने का अनुरोध कर दिया है मजे की बात यह है कि गुरु चेले की लड़ाई में दोनों हार गए हैं और उत्तराखंड में इनकी अहम ने पार्टी को उत्तराखंड में बैक गियर में लाकर खड़ा कर दिया है। जहां सपने सजाए हुए थे कि इस बार भारी बहुमत से सरकार बनाएंगे परंतु गुरु चेले की लड़ाई ने कांग्रेस को भट्ठा बैठा कर रख दिया राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों के बात कांग्रेस की सियासत में उठापटक का since la शुरू हो गया है वरिष्ठ नेता एक दूसरे के ऊपर हार का ठीकरा छोड़ने में लगे हैं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व shirt vidhansabha सीट से प्रत्याशी रहे रणजीत रावत के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर विधानसभा चुनाव में टिकट बेचने के सनसनीआरोपों के बाद आज हरीश रावत ने सोशल साइट्स पर अपने दिल का दर्द बया किया है। कहा है कि इन आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी जांच कराए और मुझे निष्कासित करे।

उन्होंने कहा कि पद और पार्टी टिकट बेचने का अत्यन्त गंभीर है एक ऐसे व्यक्ति पर लगाया जा रहा हो, जो मुख्यमंत्री रहा है, जो पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहा है, जो पार्टी का महासचिव रहा है और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य है और आरोप लगाने वाला व्यक्ति भी गंभीर पद पर विद्यमान व्यक्ति हो और उस व्यक्ति द्वारा लगाये गये आरोप को एक अत्यधिक महत्वपूर्ण पद पर विद्यमान व्यक्ति व उसके सपोर्टर्स‌ द्वारा प्रचारित-प्रसारित करवाया जा रहा हो तो यह आरोप और भी गंभीर हो जाता है। यह आरोप मुझ पर लगाया गया है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि कांग्रेस पार्टी मेरे पर लगे इस आरोप के आलोक में मुझे पार्टी से निष्कासित करे। उधर दूसरी ओरकार्यकारी अध्यक्ष रंजीत रावत ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम है। पूर्व सीएम हरीश रावत के मैनजरों ने कुछ लोगों से लिये लाखों करोड़ों रुपए वापस करने शुरू कर दिये है। इन लोगों जे टिकट के एवज में मोटी धनराशि ली थी। वक्त आने पर नाम का खुलासा भी कर दूंगा। बरहाल गुरु चेला की यह लड़ाई आने वाले समय में क्या गुल खिलाएगी यह भविष्य के गर्भ में है इसमें नहीं संडे की इससे पार्टी जरूर बंटाधार हो रही है इसका अंत कब खत्म होगा यह ऊपर वाला ही जाने? रोचक बात यह है कि गुरु चेला की लड़ाई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ जनता भी बड़े चाव से देख रही है?

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