हल्द्वानी (विशेष संवाददाता)l राजीव गांधी जयंती पर कांग्रेसी दावेदारी के लिए स्वर्ग आश्रम में हुई बैठक में आपस में भिड़े! राजनीतिक भी गजब है कांग्रेस की वरिष्ठ नेता स्वर्गीय डॉक्टर इंदिरा हरदेश के समक्ष के सामने किसी की बोलने की हिम्मत नहीं होती थी? आज हंगामा देख उनकी आत्मा दुखी हो रही होगी! आने वाले समय के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा रहा है? हंगामा का: लाइव

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हल्द्वानी विशेष संवाददाता भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 77वीं जयंती है। इस मौके पर हल्द्वानी के स्वराज आश्रम कार्यालय में आज स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के दौरान इकट्ठा हुए कांग्रेसी हल्द्वानी विधानसभा सीट से दावेदारी को लेकर एक दूसरे से लड़ने लगे।

दरअसल कांग्रेसी नेताओं ने अपनी अपनी दावेदारी को लेकर एक दूसरे के खिलाफ आग उगलने लगे । इस हंगामे को तूल तब पकड़ा जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इकबाल भारती ने अपने संबोधन के दौरान यह बात कह डाली कि इन्दिरा ह्रदयेश के बाद उनके पुत्र सुमित ह्रदयेश को हल्द्वानी विधानसभा के प्रबल दावेदार हैं, किसी में कोई दम नहीं कि वह दावेदारी कर सकें। उन्होंने यह बात तक कह डाली कि किसी माई के लाल में दम नहीं कि वह हल्द्वानी विधानसभा से दावेदारी कर सके। अंदर ही अंदर गुटबाजी काफी समय से चल रही थी आज खुलकर सामने आ गई आगामी 2022 विधानसभा चुनाव में गुटबाजी क्या गुल खिलाएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा आज का हंगामा पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा रहा है यह राजनीतिक पंडितों का मानना हैl

स्वराज आश्रम कार्यालय में आज स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के दौरान इकट्ठा हुए कांग्रेसी हल्द्वानी विधानसभा सीट से दावेदारी को लेकर एक दूसरे के खिलाफ आग बबूला हो गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इकबाल भारती ने अपने संबोधन के दौरान यह बात कर डाली कि इन्दिरा ह्रदयेश के बाद उनके पुत्र सुमित ह्रदयेश को हल्द्वानी विधानसभा के प्रबल दावेदार हैं, किसी में कोई दम नहीं कि वह दावेदारी कर सकें, उन्होंने यह बात तक कह डाली कि किसी माई के लाल में दम नहीं कि वह हल्द्वानी विधानसभा से दावेदारी कर सके।

जिसके बाद वहां बैठे तमाम वरिष्ठ कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा कर दिया, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुकुम सिंह कुंवर भी आग बबूला हो गए और कहा कि हम भी हल्द्वानी से दावेदार हैं, तो वहीं महिला कांग्रेस की तरफ से शशि वर्मा, शोभा बिष्ट ने खुलकर अपनी दावेदारी पेश कर दी और सभी काफी उत्तेजित हो गए और एक दूसरे के साथ विधानसभा की दावेदारी को लेकर हंगामा करने लगे। इस संदर्भ में जिला जिलाध्यक्ष से संपर्क करने पर कुछ भी कहने से कतराते रहे राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आज का हंगामा आगामी 2022 विधानसभा के लिए शुभ संकेत नहीं है राजनीतिक पंडितों का मानना है जिस कांग्रेस को एकता करने में स्वर्गीय डॉक्टर इंदिरा हरदेश ने अंतिम सांस तक एकजुट करने में लगी रही वहीं आज के इस हंगामे से उनकी आत्मा को कष्ट पहुंच रहा होगा l

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